एक हम ड्रॉइंग लेते है जैसे की यह ड्राइंग है माफ करियेगा ड्रॉइंग इतनी अच्छी नही है ।
जैसे की ड्रॉइंग में एक पोजिशन दिया है वहा से सारे पोजिशन लेना है वर्क कॉर्डिनेट बोल सकते है ।
पहले हम सेंटर ड्रिल चलाते है उसके बाद जैसे ड्राइंग में दीया है , Dia 10.0 का ड्रिल चलाना है ।
1. Centre Drill
2. Dia 10.0 Drill
Dia 10.0 का ड्रिल को ड्राइंग में देखने पर पता चलता है की यह तो अलग अलग ड्रील depth मांगा हैं।
एक जगह 40 mm Depth हैं
दूसरी जगह 70 mm Depth है।
तो देखते है की प्रोग्राम कैसे मानता है ।
O0001;
N1(CENTRE DRILL)
N2 M06 T01;
N3 G0 G90 G43 G54 X20.0 Y50.0 Z150.0 H01;
N4 M03 S2252;
N5 G0 Z50.0 M08;
N6 G0 G90 Z5.0;
N7 G98 G83 Z-5.0 R1.0 Q5.0 F180.0;
X80.0 Y15.0;
N8 G0 G90 G28 G80 Z150.0;
M05 ;
M09;
M01;
N9 (DIA 10.0 DRILL);
N10 M06 T02;
N11 G0 G90 G43 G54 X20.0 Y50.0 Z150.0 H02;
N12 M03 S1852;
N13 G0 Z50.0 M08;
N14 G0 G90 Z5.0;
N15 G98 G83 Z-40.0 R1.0 Q5.0 F160.0;
X80.0 Y15.0 Z-70.0;
N16 G0 G90 G28 G80 Z150.0;
N17 G0 G90 G28 X0.0 Y0.0;
M05 ;
M09;
M30;
G83 का प्रोग्राम का फॉर्मेट
G83 X.....Y..... Z.....R.....Q.....F....;
G83 - PECK DRILLING CYCLE
X - Hole position in X axis
Y - Hole position in Y axis
Z - Total depth
R - Position of the R plane
Q - depth of each cut
F - Feed rate
मैंने इस प्रोग्राम में X.... Y..... का पोजिशन पहले ही ले लिया है । (N11)
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